शास्त्र पंचांग
आज का पंचांग, आपके नगर के अपने सूर्योदय के अनुसार गणित।
दिल्ली — सोमवार, 21 सितंबर 2026 · तिथि शुक्ल दशमी · नक्षत्र उत्तराषाढ़ा · योग शोभन · करण तैतिल
आज का पंचांग
दिल्ली · वाराणसी · लखनऊ · जयपुर
राहु काल
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तिथि सूची
प्रदोष व्रत 2027 · अमावस्या 2027 · पूर्णिमा 2027
2026 — प्रदोष व्रत · अमावस्या · पूर्णिमा
गणना विधि
प्रत्येक मान Swiss Ephemeris से, लाहिरी अयनांश पर, नगर के अपने क्षितिज के लिए गणित है। दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है।
दिल्ली का सूर्योदय वाराणसी के सूर्योदय से अलग है — लगभग बीस मिनट का अंतर। इसीलिए राहु काल और तिथि के समाप्त होने का समय हर नगर में अलग पड़ता है। एक ही समय सब जगह के लिए छाप देना आसान है, पर वह सही नहीं होता।
सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन का नाम है। तिथि पूरे दिन नहीं टिकती — वह कब समाप्त होगी, यह हर पृष्ठ पर दिया गया है।
उत्तर भारत में मास पूर्णिमांत माना जाता है और दक्षिण में अमांत। कृष्ण पक्ष में दोनों परंपराओं का मास नाम एक पखवाड़े से अलग पड़ जाता है, इसलिए इन पृष्ठों पर तिथि और पक्ष दिए जाते हैं — चांद्र मास का नाम नहीं।
यह पंचांग कैसे गणित होता है ·
प्रदोष व्रत का नियम और उसका मूल पाठ
विस्तृत विवरण अंग्रेज़ी में है।