शास्त्र पंचांग

शास्त्र पंचांग

आज के पंचांग की गणना आपके नगर के सूर्योदय पर आधारित है।

दिल्ली, शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 · तिथि कृष्ण द्वादशी · नक्षत्र हस्त · योग विष्कम्भ · करण तैतिल

आज का पंचांग

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राहु काल

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पर्व की तिथियाँ

दुर्गा अष्टमी 2026 · दशहरा (विजयादशमी) 2026 · धनतेरस 2026 · दिवाली 2026 · महाशिवरात्रि 2027 · होलिका दहन 2027 · हिंदू नववर्ष (गुड़ी पड़वा) 2027 · गणेश चतुर्थी 2027 · शारदीय नवरात्रि 2027 · दशहरा (विजयादशमी) 2027

तिथि सूची

प्रदोष व्रत 2027 · अमावस्या 2027 · पूर्णिमा 2027

2026: प्रदोष व्रत · अमावस्या · पूर्णिमा

गणना विधि

यह पंचांग दृक् गणित से, लाहिरी अयनांश पर बनाया जाता है। सूर्योदय और सूर्यास्त हर नगर के लिए अलग निकाले जाते हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त नगर के साथ बदलते हैं, इसलिए राहु काल भी बदलता है। अपना नगर चुनिए, समय वहीं के मिलेंगे।

दिन की तिथि वही मानी जाती है जो सूर्योदय के समय हो; इसे उदया तिथि कहते हैं। तिथि दिन में कभी भी बदल सकती है, इसलिए हर पृष्ठ पर उसके समाप्त होने का समय भी दिया गया है।

चांद्र मास के लिए पूर्णिमांत और अमांत, दोनों परंपराएँ प्रचलित हैं। कृष्ण पक्ष में इनके मास के नाम अलग होते हैं। इन पृष्ठों पर मास पूर्णिमांत पद्धति से दिया गया है, जैसा उत्तर भारत के पंचांग छापते हैं।

पंचांग की गणना कैसे होती है · प्रदोष व्रत का नियम