Shastra Panchangam

शारदीय नवरात्रि 2027

शारदीय नवरात्रि 2027 — गुरुवार, 30 सितंबर 2027। यह दिन सूर्योदय में तिथि के चलने से तय होता है।

तिथि और नियम

शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को है।

तिथि पूरे दिन नहीं टिकती। वह दोपहर में आरंभ होकर अगली सुबह समाप्त हो सकती है, इसलिए लगातार दो दिन किसी न किसी घड़ी में वही तिथि चलती मिलती है। इसी कारण पर्व की तिथि बताना अकेले पर्याप्त नहीं — यह भी बताना पड़ता है कि तिथि दिन के किस काल में चलनी चाहिए।

शारदीय नवरात्रि के लिए वह काल सूर्योदय है। जिस दिन तिथि उस काल को सबसे अधिक ढकती है, वही दिन पर्व का है।

आपके नगर में सूर्योदय

यह काल आपके अपने क्षितिज के सूर्य से बनता है। दिल्ली का सूर्यास्त चेन्नई के सूर्यास्त से अलग है, इसलिए यह काल हर नगर में अलग पड़ता है — देश भर में लगभग चालीस मिनट का अंतर।

नगरसूर्योदय
बेंगलुरुsunrise 6:08 am
चेन्नईsunrise 5:57 am
हैदराबादsunrise 6:05 am
दिल्लीsunrise 6:13 am
मुंबईsunrise 6:28 am
वाराणसीsunrise 5:49 am
लखनऊsunrise 5:57 am
जयपुरsunrise 6:18 am

यह पूरा सूर्योदय है। पंचांग प्रायः इसके भीतर एक छोटा मुहूर्त भी छापते हैं, जो स्थिर लग्न के आधार पर चुना जाता है। यदि आपने कहीं छोटा समय देखा हो, वह इसी के भीतर आता है।

तिथि कैसे निकाली गई

चंद्रमा और सूर्य के अंतर के प्रत्येक बारह अंश पर एक तिथि बनती है। यह अंतर Swiss Ephemeris से, लाहिरी अयनांश पर निकाला गया है, और तिथि के आरंभ तथा अंत का क्षण नगर के अपने क्षितिज के लिए गणित है।

छपने से पहले हर पर्व की तिथि प्रचलित पंचांगों से मिलाई जाती है। जो तिथि मिल नहीं पाती, वह छापी नहीं जाती।

आज का पंचांग · पूर्णिमा 2027 · अमावस्या 2027 · तिथि कैसे गणित होती है

गणना विधि
तिथि Swiss Ephemeris से, लाहिरी अयनांश पर। दिन वही जिसका सूर्योदय तिथि सबसे अधिक ढकती है। छपने से पहले तिथि प्रचलित पंचांगों से मिलाई जाती है।