Shastra Panchangam

धनतेरस 2026

धनतेरस 2026 — शुक्रवार, 6 नवंबर 2026। यह दिन प्रदोष काल में तिथि के चलने से तय होता है।

तिथि और नियम

धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है।

तिथि पूरे दिन नहीं टिकती। वह दोपहर में आरंभ होकर अगली सुबह समाप्त हो सकती है, इसलिए लगातार दो दिन किसी न किसी घड़ी में वही तिथि चलती मिलती है। इसी कारण पर्व की तिथि बताना अकेले पर्याप्त नहीं — यह भी बताना पड़ता है कि तिथि दिन के किस काल में चलनी चाहिए।

धनतेरस के लिए वह काल प्रदोष काल है। जिस दिन तिथि उस काल को सबसे अधिक ढकती है, वही दिन पर्व का है।

आपके नगर में प्रदोष काल

यह काल आपके अपने क्षितिज के सूर्य से बनता है। दिल्ली का सूर्यास्त चेन्नई के सूर्यास्त से अलग है, इसलिए यह काल हर नगर में अलग पड़ता है — देश भर में लगभग चालीस मिनट का अंतर।

नगरप्रदोष काल
बेंगलुरु5:51 pm – 8:15 pm
चेन्नई5:40 pm – 8:04 pm
हैदराबाद5:42 pm – 8:06 pm
दिल्ली5:32 pm – 7:56 pm
मुंबई6:03 pm – 8:27 pm
वाराणसी5:14 pm – 7:38 pm
लखनऊ5:20 pm – 7:44 pm
जयपुर5:40 pm – 8:04 pm

यह पूरा प्रदोष काल है। पंचांग प्रायः इसके भीतर एक छोटा मुहूर्त भी छापते हैं, जो स्थिर लग्न के आधार पर चुना जाता है। यदि आपने कहीं छोटा समय देखा हो, वह इसी के भीतर आता है।

तिथि कैसे निकाली गई

चंद्रमा और सूर्य के अंतर के प्रत्येक बारह अंश पर एक तिथि बनती है। यह अंतर Swiss Ephemeris से, लाहिरी अयनांश पर निकाला गया है, और तिथि के आरंभ तथा अंत का क्षण नगर के अपने क्षितिज के लिए गणित है।

छपने से पहले हर पर्व की तिथि प्रचलित पंचांगों से मिलाई जाती है। जो तिथि मिल नहीं पाती, वह छापी नहीं जाती।

आज का पंचांग · पूर्णिमा 2026 · अमावस्या 2026 · तिथि कैसे गणित होती है

गणना विधि
तिथि Swiss Ephemeris से, लाहिरी अयनांश पर। दिन वही जिसका प्रदोष काल तिथि सबसे अधिक ढकती है। छपने से पहले तिथि प्रचलित पंचांगों से मिलाई जाती है।