लखनऊ, शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
कार्तिक कृष्ण द्वादशी, विक्रम संवत 2083। लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 5:20 पर है। पंचांग का यह दिन अगले दिन के सूर्योदय पर समाप्त होगा।
आज का विशेष
- धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है। धनतेरस 2026
- प्रदोष व्रत प्रदोष काल शाम 5:20 से शाम 7:44 तक। प्रदोष व्रत 2026
पंचांग के पाँच अंग
तिथि · कृष्ण द्वादशी
सुबह 10:31 तक; उपरांत कृष्ण त्रयोदशी
तिथि चंद्रमा और सूर्य की स्थिति से निर्धारित होती है। एकादशी, प्रदोष, अमावस्या और श्राद्ध जैसे व्रत और अनुष्ठान इसी आधार पर तय किए जाते हैं।
नक्षत्र · हस्त
तड़के 4:44 तक
नक्षत्र आकाश में चंद्रमा की स्थिति बताता है। जन्म नक्षत्र का विचार नामकरण और विवाह के लिए गुण मिलान में किया जाता है।
योग · विष्कम्भ
तड़के 4:10 तक
सूर्य और चंद्रमा के अंशों (भोगांश) को जोड़कर योग निकाला जाता है। मुहूर्त चुनते समय पंचांग के अन्य अंगों के साथ इसका भी विचार किया जाता है।
करण · तैतिल
सुबह 10:31 तक
करण तिथि का आधा भाग होता है।
इस सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक भद्रा नहीं है।
अशुभ काल
राहु काल
सुबह 10:27 – 11:50
राहु काल में नया काम शुरू न करने की परंपरा है; पहले से चल रहा काम जारी रखा जा सकता है।
यमगंड
दोपहर 2:35 – 3:58
यात्रा पर निकलने या नया काम शुरू करने के लिए यह समय टाला जाता है।
गुलिक काल
सुबह 7:42 – 9:04
अधिकतर घरों में नए काम का आरंभ इस समय नहीं किया जाता।
होरा
दिन-रात में कुल चौबीस होराएँ होती हैं: सूर्योदय से सूर्यास्त तक बारह और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक बारह। दिन और रात की लंबाई के साथ इनकी अवधि बदलती है। हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है; पहली होरा उस दिन के वार-स्वामी ग्रह की होती है।
| सुबह 6:19 – 7:14 | शुक्र |
| सुबह 7:14 – 8:09 | बुध |
| सुबह 8:09 – 9:04 | चंद्र |
| सुबह 9:04 – 9:59 | शनि |
| सुबह 9:59 – 10:55 | गुरु |
| सुबह 10:55 – 11:50 | मंगल |
| सुबह 11:50 – दोपहर 12:45 | सूर्य |
| दोपहर 12:45 – 1:40 | शुक्र |
| दोपहर 1:40 – 2:35 | बुध |
| दोपहर 2:35 – 3:30 | चंद्र |
| दोपहर 3:30 – शाम 4:25 | शनि |
| शाम 4:25 – 5:20 | गुरु |
| शाम 5:20 – 6:25 | मंगल |
| शाम 6:25 – 7:30 | सूर्य |
| शाम 7:30 – रात 8:35 | शुक्र |
| रात 8:35 – 9:40 | बुध |
| रात 9:40 – 10:45 | चंद्र |
| रात 10:45 – 11:50 | शनि |
| रात 11:50 – 12:55 | गुरु |
| रात 12:55 – तड़के 2:00 | मंगल |
| तड़के 2:00 – 3:05 | सूर्य |
| तड़के 3:05 – 4:10 | शुक्र |
| तड़के 4:10 – सुबह 5:15 | बुध |
| सुबह 5:15 – 6:20 | चंद्र |
पंचांग की गणना कैसे होती है · दिन सूर्योदय से क्यों शुरू होता है
दृक् गणित, लाहिरी अयनांश। लखनऊ के स्थानीय सूर्योदय के आधार पर गणना की गई है।